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===इतिहास===
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पाषाण युग भीमबेटका [[मध्य प्रदेश]] की गुफाएँ भारत में मानव जीवन का प्राचीनतम प्रमाण है। प्रथम स्थाई बस्तियों ने 9000 वर्ष पूर्व स्वरुप लिया। यही आगे चल कर सिन्धु घाटी सभ्यता में विकसित हुई , जो 2600 ईसवीं और 19०० ईसवीं के मध्य अपने चरम पर थी। लगभग 1600 ईसापूर्व आर्य भारत आए और उत्तर भारतीय क्षेत्रों में वैदिक सभ्यता का सूत्रपात किया । इस सभ्यता के स्रोत वेद और पुराण हैं। यह परम्परा कई सहस्र वर्ष पुरानी है। इसी समय दक्षिण बारत में द्रविड़ सभ्यता का विकास होता रहा। दोनो जातियों ने एक दूसरे की खूबियों को अपनाते हुए भारत में एक मिश्रित संस्कृति का निर्माण किया।
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पाषाण युग भीमबेटका [[मध्य प्रदेश]] की गुफाएँ भारत में मानव जीवन का प्राचीनतम प्रमाण है। प्रथम स्थाई बस्तियों ने 9000 वर्ष पूर्व स्वरुप लिया। यही आगे चल कर सिन्धु घाटी सभ्यता में विकसित हुई , जो 2600 ईसवीं और 19०० ईसवीं के मध्य अपने चरम पर थी। लगभग 1600 ईसापूर्व आर्य भारत आए और उत्तर भारतीय क्षेत्रों में वैदिक सभ्यता का सूत्रपात किया । इस सभ्यता के स्रोत वेद और पुराण हैं। यह परम्परा कई सहस्र वर्ष पुरानी है। इसी समय दक्षिण भारत में द्रविड़ सभ्यता का विकास होता रहा। दोनो जातियों ने एक दूसरे की खूबियों को अपनाते हुए भारत में एक मिश्रित संस्कृति का निर्माण किया।
12वीं शताब्दी के प्रारंभ में, भारत पर इस्लामी आक्रमणों के पश्चात, उत्तरी व केन्द्रीय भारत का अधिकांश भाग दिल्ली सल्तनत के शासनाधीन हो गया; और बाद में, अधिकांश उपमहाद्वीप मुगल वंश के अधीन। दक्षिण भारत में विजयनगर साम्राज्य शक्तिशाली निकला।
12वीं शताब्दी के प्रारंभ में, भारत पर इस्लामी आक्रमणों के पश्चात, उत्तरी व केन्द्रीय भारत का अधिकांश भाग दिल्ली सल्तनत के शासनाधीन हो गया; और बाद में, अधिकांश उपमहाद्वीप मुगल वंश के अधीन। दक्षिण भारत में विजयनगर साम्राज्य शक्तिशाली निकला।
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16वीं शताब्दी के मध्यकाल में पुर्तगाल, डच, फ्रांस, ब्रिटेन सहित अनेकों यूरोपीय देशों, जो भारत से व्यापार करने के इच्छुक थे, उन्होनें देश की शासकीय अराजकता का लाभ प्राप्त किया। अंग्रेज दूसरे देशों से व्यापार के इच्छुक लोगों को रोकने में सफल रहे और १८४० तक लगभग संपूर्ण देश पर शासन करने में सफल हुए। 200 साल तक अन्ग्रेज़ों के ख़िलाफ़ आन्दोलन चलते रहे। अन्ततः 15 अगस्त, 1947 के रात भारत बजह भारत को आज़ादी मिली।
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16वीं शताब्दी के मध्यकाल में पुर्तगाल, डच, फ्रांस, ब्रिटेन सहित अनेक यूरोपीय देशों, जो भारत से व्यापार करने के इच्छुक थे, उन्होनें देश की शासकीय अराजकता का लाभ प्राप्त किया। अंग्रेज दूसरे देशों से व्यापार के इच्छुक लोगों को रोकने में सफल रहे और १८४० तक लगभग संपूर्ण देश पर शासन करने में सफल हुए। 200 साल तक अन्ग्रेज़ों के ख़िलाफ़ आन्दोलन चलते रहे। अन्ततः 15 अगस्त, 1947 के रात भारत बजह भारत को आज़ादी मिली।
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भारत के पड़ोसी राष्ट्रों के साथ अनसुलझे सीमा विवाद हैं। इसके कारण इसे छोटे पैमानों पर युद्ध का भी सामना करना पड़ा है।
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भारत के पड़ोसी राष्ट्रों के साथ अनसुलझे सीमा विवाद हैं। इसके कारण इसे छोटे पैमानों पर युद्ध का भी सामना करना पड़ा है।
हिन्दु (80.5%), मुसलिम (13.4%), ईसाई (2.3%), सिख (1.9%), बौद्ध (0.8%), जैन (0.4%)
बिजली
230 वोल्ट्स /50 हर्ट्ज़, भारतीय/यूरोपी प्लग
दूरभाष
+91
इंटरनेट टी एल डी
.in
समय मण्डल
यू टी सी + 5.30
भारत[१]एशिया महाद्वीप पर स्थित एक प्राचीन देश है। इसे आर्यावर्त, हिन्दुस्तान तथा इंडिया आदि नामों से भी जाना जाता है।
भारत एशिया का एक प्रधान राष्ट्र है। इसकी राजधानी है नई दिल्ली। भारत में अनेक पर्यटन स्थल हैं। भारत के गोआ नामक प्रदेश के समुद्र तट विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। भारत के उत्तर प्रदेश में स्थित आगरा का ताज महल (चित्र देखें) भी विश्वविख्यात है। इन दृष्टांतों से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि भारत का पर्यटन करना एक अत्यंत रोमांचकारी अनुभव होता है।
भारत के पश्चिम में पाकिस्तान , उत्तर-पूर्व मे चीन, नेपाल, और भूटान और पूर्व में बांग्लादेश और म्यांमार देश स्थित हैं। हिन्द महासागर में इसके दक्षिण पश्चिम में मालदीव, दक्षिण में श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व में इंडोनेशिया है। भारत उत्तर-पश्चिम में अफ़्ग़ानिस्तान के साथ सीमा का दावा करता है, जिसकी उत्तरी ओर आपको हिमालय के विशाल पर्वत मिलेंगे। भारत की तटसीमा लम्बाई में 6000 कि.मी. के क़रीब है और आपको अनेक समुद्र भी मिलेंगे, जिनमें शामिल है बंगाल की खाड़ी पूर्व की ओर एवं अरब सागर पश्चिम की ओर।
चाहे भूगोल, इतिहास, जलवायु या संस्कृति की नज़रों से भारत को देखा जाये, तो यात्रियों को तुरन्त पता लगेगा कि इस देश में अत्यधिक विविधता है।
इतिहास
पाषाण युग भीमबेटका मध्य प्रदेश की गुफाएँ भारत में मानव जीवन का प्राचीनतम प्रमाण है। प्रथम स्थाई बस्तियों ने 9000 वर्ष पूर्व स्वरुप लिया। यही आगे चल कर सिन्धु घाटी सभ्यता में विकसित हुई , जो 2600 ईसवीं और 19०० ईसवीं के मध्य अपने चरम पर थी। लगभग 1600 ईसापूर्व आर्य भारत आए और उत्तर भारतीय क्षेत्रों में वैदिक सभ्यता का सूत्रपात किया । इस सभ्यता के स्रोत वेद और पुराण हैं। यह परम्परा कई सहस्र वर्ष पुरानी है। इसी समय दक्षिण भारत में द्रविड़ सभ्यता का विकास होता रहा। दोनो जातियों ने एक दूसरे की खूबियों को अपनाते हुए भारत में एक मिश्रित संस्कृति का निर्माण किया।
12वीं शताब्दी के प्रारंभ में, भारत पर इस्लामी आक्रमणों के पश्चात, उत्तरी व केन्द्रीय भारत का अधिकांश भाग दिल्ली सल्तनत के शासनाधीन हो गया; और बाद में, अधिकांश उपमहाद्वीप मुगल वंश के अधीन। दक्षिण भारत में विजयनगर साम्राज्य शक्तिशाली निकला।
16वीं शताब्दी के मध्यकाल में पुर्तगाल, डच, फ्रांस, ब्रिटेन सहित अनेक यूरोपीय देशों, जो भारत से व्यापार करने के इच्छुक थे, उन्होनें देश की शासकीय अराजकता का लाभ प्राप्त किया। अंग्रेज दूसरे देशों से व्यापार के इच्छुक लोगों को रोकने में सफल रहे और १८४० तक लगभग संपूर्ण देश पर शासन करने में सफल हुए। 200 साल तक अन्ग्रेज़ों के ख़िलाफ़ आन्दोलन चलते रहे। अन्ततः 15 अगस्त, 1947 के रात भारत बजह भारत को आज़ादी मिली।
भारत के पड़ोसी राष्ट्रों के साथ अनसुलझे सीमा विवाद हैं। इसके कारण इसे छोटे पैमानों पर युद्ध का भी सामना करना पड़ा है।
चेन्नई (पूर्व नाम मद्रास) - तमिल नाडु में स्थित बन्दरग़ाह।
बंगलौर / बंगलूरु - मनोहर तापमान, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का महत्त्वपूर्ण केन्द्र।
कोची (पूर्व नाम कोचिन) - केरल पहुँचने के लिये सुविधाजनक प्रवेशद्वार।
पूर्व के मुख्य शहर
कोलकाता (पूर्व नाम कलकत्ता) - भारतीय संस्कृति का प्रमुख केन्द्र, इसे सिटी ऑफ़ जॉय (अर्थात् ख़ुशी का शहर) के नाम से भी जाना जाता है।
वाराणसी (पूर्व नाम बनारस) - गंगा नदी के तट पर स्थित पवित्र स्थल।
पहुँचें
वीज़ा
चार अलग प्रकार के भारतीय वीज़ा मिलते हैं।
पर्यटक वीज़ा (छह महीने - $60 , 1 वर्ष - $75)
व्यवसाय वीज़ा (एक वर्ष या आधिक, बहुविध प्रवेश)
विशेष 10 वर्ष वीज़ा ($150, केवल अमरीकी नागरिकों के लिये)
छात्र वीज़ा (5 वर्षों तक)
वीज़ा की वैधता आपकी नागरिकता पर निर्भर है। अपने देश में स्थित भारतीय दूतावास के वेबसाइट [२] पर आप अधिक जानकारी पा सकते हैं। आप स्थानीय कार्यालय [३] को भी सम्पर्क कर सकते हैं। भूटान एवं नेपाल के नागरिकों को भारत में प्रवेश करने के लिये वीज़ा की कोई ज़रूरत नहीं है।